Ad Code

Responsive Advertisement

कलयुग की संजीवनी (तुलसी)

                           तुलसी के गुण 


दोस्तों आज हम तुलसी के बारे में कुछ रोचक जानकारियां आपके सामने प्रस्तुत कर रहे हैं आप लोग को यह जानकारी अच्छी  लगे ,
चलिए हम तुलसी के गुणों के बारे में चर्चा शुरू करते हैं तुलसी हमारे हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा ही पवित्र मानी जाती है इसीलिए हम इसका प्रयोग पूजन विधि के समय ज्यादातर करते हैं जैसे की पूजा में श्री कृष्ण भगवान जी को हम तुलसी अर्पित करते हैं इसके भी कई ऐसे फल हैं जिसे हम  आगे जानेंगे हमारे हिंदू धर्म में ज्यादातर हिंदू परिवारों में तुलसी की पूजा की जाती है इसे सुख और शांति तथा कल्याण के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है,
 लेकिन धार्मिक महत्व के अलावा तुलसी को एक औषधि के रूप में भी प्रयोग किया जाता है इसका इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज के लिए भी किया जाता है जैसे सर्दी खासी से लेकर कई बड़ी बीमारियों में भी तुलसी बहुत ज्यादा ही कारगर औषधि है आयुर्वेद में तुलसी तथा इसके विभिन्न औषधीय गुणों का एक विशेष स्थान है तुलसी को संजीवनी बूटी के समान भी माना जाता है आयुर्वेदिक चिकित्सा में तुलसी के पौधे के हर भाग को स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद बताया गया है,
 तुलसी की जड़ उसकी शाखाएं पत्ती और बीज सभी का अलग-अलग महत्व है आमतौर पर घरों में दो तरह के तुलसी देखने को मिलती है एक जिस की पत्तियों का रंग थोड़ा गहरा होता है और दूसरा जिसकी पत्तियों का रंग हल्का होता है तुलसी शरीर का शोधन करने के साथ-साथ वातावरण को भी  शुद्ध करती है तथा पर्यावरण को संतुलित करने में भी बहुत मदद करती है,
 तो चलिए आइए आज हम आपको तुलसी के कुछ घरेलू नुस्खे से होने वाले फायदों के बारे में आपसे चर्चा करते हैं जिन्हें अपनाकर आपको कई पुराने रोगों से निजात मिल सकता है और आप इसका उपयोग निश्चिंत होकर कर सकते हैं

  टीवी के रोग को दूर भगाने में बेहद मददगार है 
तुलसी तुलसी दमा और टीवी के रोग में बहुत लाभकारी है रोजाना जो व्यक्ति तुलसी का सेवन करता है उसे दमा और टीवी से छुटकारा मिलता है,
तुलसी के औषधि गुण के कारण या बीमारी के लिए जिम्मेदार जीवाणु को बढ़ने से रोकता है शहद अदरक और तुलसी को मिलाकर बनाया गया काढ़ा पीने से दमा कफ और सर्दी में राहत मिलती है,

 मलेरिया को दूर रखें - तुलसी के 11 पतियों का चार खड़ी काली मिर्च के साथ सेवन करने से मलेरिया और टाइफाइड जैसे नामक बीमारी ठीक हो सकती है मच्छरों के काटने से होने वाली ज्यादातर बीमारियों का इलाज भी तुलसी के सेवन के द्वारा दूर किया जा सकता है तुलसी का सेवन हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभदायक है इसका रोजाना सेवन करने से हमें ऐसी कई बीमारियों से निजात मिल जाती है इसीलिए हर किसी को कम से कम 5 से 7 पत्तियां प्रतिदिन खाना चाहिए यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक है,

बुखार में पेरासिटामोल की जगह तुलसी का सेवन करें सभी प्रकार के बुखार को जड़ से खत्म करने के लिए तुलसी बहुत ज्यादा ही कारगर साबित हुई है आयुर्वेद में तुलसी को एक औषधि के रूप में रखा गया है 20 तुलसीदल और 10 काली मिर्च मिलाकर बनाए  गए काहे को पीने से पुराना रोग छूमंतर हो जाता है तुलसी की मदद से किसी भी तरह के बुखार को बगैर पेरासिटामोल और एंटीबायोटिक के उपयोग के भी ठीक किया जा सकता है यदि किसी व्यक्ति को बुखार है तो वह अंग्रेजी दवाइयों को इस्तेमाल ना करके आयुर्वेदिक यानी तुलसी का प्रयोग करें जिसकी वजह से उसके कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होते और वह व्यक्ति तुलसी के खाने से कई तरह के रोगों से भी ठीक हो जाता है अतः तुलसी तुलसी को विशेष स्थान प्राप्त है  यह बीमारी में एंटीबायोटिक का काम करती है,
कुष्ठ रोग में लाभकारी होती है तुलसी की जड़ तुलसी की जड़ को पीसकर सूट में मिलाकर जल के साथ रोज सुबह सुबह पीने से कुष्ठ रोग में लाभ मिलता है कुष्ठ रोग में तुलसी के पत्तों का रस निकालकर पानी से लाभ फायदा मिलता है आयुर्वेदाचार्य के मुताबिक तुलसी के बगीचे के आसपास रहने वाले लोगों को कुष्ठ रोग होने की संभावना ना के बराबर होते हैं यह अपना प्रभाव उन कुष्ठ रोगियों कुष्ठ रोग से निजात दिलाता है तथा जड़ उनके लिए बहुत ही लाभकारी माना जाता है,

 माइग्रेन और साइनस से मिलती है राहत तुलसी का काढ़ा पीने से माइग्रेन यानी सिरदर्द साइनस में आराम मिलता है अगर आप अपने पुराने सिर दर्द से बहुत ज्यादा परेशान है तो आपके लिए यह एक बहुत ही ज्यादा लाभदायक टिप है जिससे आप पुराने सिरदर्द को दूर भगाने या उससे पूरी तरह से निजात  पा सकते हैं तो रोज सुबह और शाम को एक चौथाई चम्मच तुलसी के पत्तों का रस एक चम्मच शुद्ध शहद के साथ लेने से 15 दिनों में आप का सिर का दर्द पूरी तरह से ठीक हो सकता है और आप हमेशा हमेशा के लिए अपने सिर दर्द से छुटकारा पा सकते हैं,

आंखों के रोगों के लिए भी बहुत ही ज्यादा रामबाण है औषधि तुलसी श्यामा तुलसी के पत्तों का दो-दो बूंद रस 14 दिनों तक आंखों में डालने से रतौंधी ठीक हो जाती है आंखों का पीलापन ठीक हो जाता है आंखों की लाली दूर हो जाती है तुलसी के पत्तों का रस अगर आप आंखों में रात के समय काजल की तरह आंख में लगाएंगे तो इससे आपके आंखों की रोशनी भी बढ़ती है और हां आप इसे खा भी सकते हैं ऐसा करने से आपके आंखों की रोशनी और बाकी की समस्याएं भी दूर हो जाएंगे सातवा है सभी बात रोगों को दूर करने में यह बहुत ही ज्यादा मददगार है,

गठिया के दर्द में तुलसी की जड़ पत्ती डंठल फल और बीज को मिलाकर इसका चूर्ण बना लें फिर इसमें आप पुराना गुड़ मिलाकर 12 12 ग्राम की गोलियां बना लें और इसे सुबह-शाम गाय बकरी के दूध के साथ सेवन करें ऐसा करने से गठिया या जोड़ों के दर्द में लाभ होता है यदि आपको गाड़ी आया जोड़ों का दर्द बहुत ज्यादा पुराना है तो आप तुलसी के इस चमत्कारिक गुड़ का लाभ उठा सकते हैं और अपने पुराने से पुराने घटिया या जोड़ों के दर्द से छुटकारा भी पा सकते हैं बस आपको सुबह शाम इसका सेवन करना होगा आठवां है

 किडनी के रोगों में भी बहुत लाभकारी होता है किडनी की पथरी में तुलसी की पत्तियों को उबालकर बनाए गए जूस को शहद के साथ 6 महीनों तक रोजाना पीने से पथरी खत्म होकर बाहर निकल जाती है,
  सांप के काटने पर लगाए तुलसी का लेप अगर किसी को सांप ने काट लिया है तो पीड़ित व्यक्ति को तुरंत तुलसी खिलाने चाहिए ऐसा करने से उसकी जान बच सकती है जिस स्थान पर सांप ने काटा हो वहां पर तुलसी की जड़ को मक्खन या घी में घिसकर लेप कर लेना चाहिए जैसे जा जहर खींचता है चला जाता है इस लेप का रंग सफेद से काला हो जाता है तुलसी से के हर हिस्से को सात की जगह जहर उपयोगी माना जाता है ,
 दिल को मजबूत बनाती है तुलसी तुलसी के 10 पत्ते 5 कालीमिर्च और 4 बादाम को पीसकर आधा गिलास पानी में एक चम्मच शहद के साथ लेने से सभी प्रकार के हृदय रोग ठीक हो जाते हैं तुलसी की चार से पांच पत्तियां नेम की दो पत्ती के रस को दो से चार चम्मच में चम्मच पानी में 5 से 7 दिन रोज सुबह खाली पेट खाने से हाई ब्लड प्रेशर ठीक हो जाता है ऐसा करने से यह आपके दिल को मजबूती प्रदान करता है 11 है 
यौन रोगों के इलाज में कारगर होता है तुलसी पुरुषों में शारीरिक कमजोरी होने पर तुलसी के बीज का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है इसके अलावा यौन दुर्बलता और नपुंसकता में भी इस देश का नियमित इस्तेमाल फायदेमंद रहता है इससे यौन रोगों के इलाज में यह बहुत ही ज्यादा कार्य कर और बिना साइड इफेक्ट के यह अपना कार्य करता है,

बार-बार अनियमित पीरियड्स की समस्या को दूर करें अक्सर महिलाओं को पीरियड में अनियमितता की शिकायत हो जाती है ऐसे में तुलसी के बीज का इस्तेमाल करना बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है यह पीरियड्स को अनियमितता से एक निश्चित करती है तेरस के अपने मित्र को दूर करने के लिए तुलसी के पत्तों का नियमित रूप से सेवन किया जा सकता है यदि किसी महिला को अनियमितता की परेशानी है तो यह उसकी समस्या का समाधान कर देती है तुलसी को हमेशा चबाकर खाने से मुंह से संबंधित या दांतों से संबंधित रोग भी दूर हो जाते हैं ,
तो दोस्तों मिलते हैं अगले ब्लॉक पर आपको यह जानकारी कैसी लगी कृपया करके कमेंट करके जरूर बताएं अगर आपको इससे जुड़ी और भी बातें जाननी हो तो कमेंट बॉक्स पर सेंड करें,
राधे राधे🙏🙏

Post a Comment

0 Comments

Close Menu